बीटीसी प्रवेश 2014-15 : 19 फीसद सीटें रह गयीं खाली,नौ बार हुई प्रवेश को लेकर डायट में काउंसलिंग

          अफसरों की लापरवाही से वर्ष2014-15 में बीटीसी के दो वर्षीय प्रशिक्षण के लिए आवंटित सीटें भी नहीं भर पायी हैं।
           यह हालत तब रही जब प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 10 गुना से अधिक थी।
            इतना ही नहीं, शिक्षा विभाग के अफसरों ने बीटीसी के दो वर्षीय कोर्स में प्रशिक्षण के लिए नौ चरणों में संबंधित जिलों के डायट पर काउंसलिंग तक करायी गयी थी। इस दौरान भी बीटीसी प्रशिक्षण के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन डायट में नहीं हो पाया था। इससे जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रशिक्षण से वंचित हो गये हैं, वहीं बीटीसी प्रशिक्षण की 19 फीसद सीटें रिक्त रह गयी हैं।
            प्रदेश में बीटीसी के दो वर्षीय प्रशिक्षण के लिए 63 जिलों में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) हैं।एक-एक डायट में 200-200 सीटें हैं,जबकि निजी क्षेत्र में बीटीसी कोर्सके प्रशिक्षण के लिए वर्ष2014-15 में 883 कालेज थे।
            निजी क्षेत्र के एक-एक बीटीसी कालेज में 50-50 सीट हैं।डायट को इन कालेजों में अभ्यर्थियों का प्रवेश मेरिट के आधार पर करके चयन करना था।
            अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरूहुई लेकि न यह दिसम्बर-2015 तक भी पूरी नहीं हो पायी।इस दौरान अभ्यर्थियों के चयन के लिए नौबार संबंधित जिलों के डायटपर काउंसलिंग हुई लेकिन बीटीसी प्रशिक्षण की सभी सीटें तक नहीं भर पायीं।
             इसके पीछे शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही सामने आ रही है लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से सम्बंधित शिक्षा अधिकारियों के खिलाफकोई सख्त कार्रवाई नहीं की गयी।


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