बीएड व बीटीसी प्रशिक्षुओं ने शिक्षामित्रों के समायोजन के खिलाफ उठाई आवाज ; प्रदर्शनकारियों का आरोप ,बताया मानवीय संसाधन का बड़ा नुकसान

                   बीएड व बीटीसी प्रशिक्षित व शिक्षक पात्रता परीक्षा पास युवाओं ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर शुक्रवार को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रदेश सरकार की अनदेखी से लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।    
                    सरकार प्रशिक्षित शिक्षकों की जगह अप्रशिक्षित शिक्षा मित्रों को समायोजित कर स्कूली व्यवस्था को ढहाने का काम कर रही है। बाद में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
                     प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में करीब पांच लाख शिक्षकों की जरूरत है। इसके लिये बड़ी संख्या में बीएड व बीटीसी प्रशिक्षित युवा मौजूद भी है। लेकिन सरकार अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति न कर शिक्षामित्रों के समायोजन की कोशिश कर रही है।
                        अनुभवहीन शिक्षकों की नियुक्ति से न सिर्फ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चरमरा जायेगी। साथ ही अनुभवी शिक्षक बेरोजगार रह जाएंगे। यह प्रदेश के मानवीय संसाधन की दोहरी क्षति होगी।
                          आंदोलनकारियों ने बताया कि शिक्षा मित्रों के समायोजन के खिलाफ मेरठ के हिमांशु राणा ने एक याचिका दाखिल की है। हिमांशु और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
                           वहीं, पिछले महीने नोएडा में उन पर जानलेवा हमला भी हुआ। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की कि हिमांशु राणा को सुरक्षा दी जाए। जिससे वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मजबूती के साथ आगे बढ़ा सकें।


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