चार लाख से भी अधिक शिक्षकों की पेंशन पर संकट ; नहीं मिला परमानेंट अकाउंट नंबर

           चार लाख से भी अधिक राज्य कर्मचारियों के पेंशन पर संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों की लापरवाही से दस साल बाद भी यूपी के कई विभागों में नई पेंशन नीति लागू नहीं हो पाई।
         नतीजतन, चार लाख से ज्यादा शिक्षकों व कर्मचारियों की पेंशन की कटौती नहीं रही।
          नहीं मिला परमानेंट अकाउंट नंबर: कुछ ने परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (पीआरएएन) आवंटित किए, तो कटौती शुरू नहीं हुई और कुछ ने तो अभी तक नंबर भी अलाट नहीं किए हैं। सबसे खराब स्थिति शिक्षा विभाग की है। डेढ़ लाख शिक्षा मित्रों को छोड़ दिया जाए, तो वर्ष 2006 से लेकर अब तक नियुक्ति करीब ढाई लाख शिक्षकों के पेंशन अंशदान की कटौती शुरू नहीं हुई।
            नई पेंशन योजना: यूपी में नई पेंशन योजना 28 मार्च 2005 से प्रभावी हुई। इसके मुताबिक 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारी, अधिकारी व शिक्षक आ रहे हैं। नई पेंशन योजना के तहत पीएफ खाता खोल कर वेतन से कटौती शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ।
               जताई नाराजगी: इससे शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। शिक्षकों के पेंशन अंशदान की कटौती नहीं हो रही है।


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