पिछले साल की तरह एक बार फिर नये सत्र में बच्चों को मिलेंगी पुरानी किताबें ; छपाई के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी नही

           परिषदीय स्कूलों के पौने दो करोड़ बच्चों के लिए तकरीबन 14 करोड़ नग किताबें छापी जानी हैं। इतनी बड़ी संख्या में किताबों की छपाई में भी समय लगेगा।
            लिहाजा नई किताबें जुलाई से पहले बच्चों को मयस्सर होने वाली नहीं हैं। नये सत्र के लिए किताबें न छप पाने के कारण बच्चों को पढ़ाई में असुविधा न हो, इसलिए विभाग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत बच्चों को पुरानी किताबें मुहैया कराने का फैसला किया है।


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