शिक्षकों को एसएमएस से देनी होगी अनुपस्थित बच्चों की जानकारी ; कंप्यूटर रखेगा स्कूली बच्चों की अनुपस्थिति पर नजर

                    स्कूलों में बच्चों की अनुपस्थिति पर अब कंप्यूटर की नजर रहेगी। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को अब रोजाना स्कूल शुरू होने के एक घंटे के अंदर कक्षावार अनुपस्थित छात्रों का अनुक्रमांक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से एसएमएस के जरिये एनआइसी के पोर्टल पर भेजना होगा। दो घंटे बाद प्रत्येक स्कूल की कक्षावार व तारीखवार छात्रों की अनुपस्थिति वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएगी। एसएमएस भेजने वाले शिक्षकों के नाम भी उपस्थिति पंजिका में प्रदर्शित होंगे।
                   समाजवादी पेंशन योजना के तहत शासन ने यह व्यवस्था लागू की है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक यदि अनुपस्थित छात्रों का विवरण एक घंटे के बाद लेकिन दो घंटे से पहले प्राप्त होता है तो इस सूचना को उपस्थिति मॉड्यूल में तो दर्ज कर लिया जाएगा, लेकिन उस स्कूल को डिफाल्टर सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
                   अक्टूबर से दिसंबर तक स्कूल के डिफाल्टर सूची में शामिल होने पर उसके प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को चेतावनी दी जाएगी। यदि चेतावनी देने के बाद भी स्कूल फिर से डिफाल्टर सूची में शामिल पाया जाता है तो जनवरी से हर डिफाल्टर दिवस के लिए प्रधानाध्यापक के वेतन से 100 व अन्य सभी शिक्षकों की तनख्वाह से 50 रुपये कटौती की जाएगी। यदि स्कूल शुरू होने के दो घंटे बाद एसएमएस मिलता है तो माना जाएगा कि उस दिन विद्यालय में सभी छात्र व शिक्षक अनुपस्थित हैं।
                ऐसे मामले में प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के एक दिन के वेतन की कटौती के अलावा उस दिन मिड-डे मील की भुगतान राशि रोकी जाएगी। यदि कोई स्कूल महीने में पांच दिन डिफाल्टर सूची में पाया जाता है तो उसके प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस दी जाएगी और फिर उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
भौतिक सत्यापन भी होगा :
                 खंड शिक्षा अधिकारियों को हर शैक्षिक दिवस में कम से कम दो स्कूलों का आकस्मिक आधार पर मौका मुआयना करना होगा। जिलाधिकारियों को अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के जरिये हर हफ्ते पांच स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण कराना होगा और उसकी रिपोर्ट को उपस्थिति मॉड्यूल में उसी दिन अपलोड कराना होगा। यदि स्थलीय निरीक्षण में छात्रों की संख्या और वेबसाइट पर उपलब्ध उपस्थिति पंजिका में अंतर पाया जाता है तो प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुरस्कार भी मिलेगा :
              हर शैक्षिक सत्र में फरवरी महीने तक तीन सर्वश्रेष्ठ मंडलों और जिलों को चिह्न्ति कर उनके मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों और बीएसए को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। हर जिले के तीन सर्वश्रेष्ठ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों और उनके शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के लिए शर्तें तय की गई हैं।

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