इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी से टीईटी 2019 के पांच प्रश्तनों के उत्तर गलत होने को लेकर दाखिल याचिका पर तीन दिन में जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने अखिलेश की याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह को सुनकर दिया है।
कोर्ट ने परीक्षा नियमाक प्राधिकारी से हलफनामे के माध्यम से याची की आपत्ति पर स्पष्ट जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
याची गत आठ जनवरी को हुई टीईटी 2019 में शामिल हुआ, जिसकी आंसर-की 13 जनवरी को जारी हुई।
याची ने ए सीरीज में हिन्दी खंड दो के प्रश्न संख्या 35, खंड पांच के प्रश्न संख्या 124, 139 व 144 के उत्तरों पर आपत्ति दाखिल की लेकिन उसकी आपत्तियों का निस्तारण किए बगैर आंसर-की जारी कर दी गई।
याचिका के अनुसार प्रश्न- अनुच्छेद 356 का प्रयोग देश में कब होने के चार विकल्प में जम्मू कश्मीर 1956, केरल 1957, बिहार 1958 व मध्य प्रदेश 1957 थे।
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याची ने पहले विकल्प जम्मू कश्मीर 1957 को चुना जबकि प्राधिकारी की ओर से जारी आंसर-की केरल 1957 को सही विकल्प माना।
इसी प्रकार एक अन्य प्रश्न के उत्तर विकल्प में याची ने सरसों को पुल्लिंग माना जबकि आंसर-की में संतान को पुल्लिंग माना गया। याचिका में मान्य पुस्तकों का हवाला देकर कहा गया है कि याची का उत्तर ही सही है।
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