शिक्षामित्रो को दिया भरोसा , वेतन और सुविधाएं मिलती रहेंगी, बने रहेगे सहायक अध्यापक पद पर ; मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

                 मुख्यमंत्री अखिलेश ने शिक्षामित्रों को दिया भरोसा-सरकार कोर्ट के फैसले का करती है सम्मान,सहायक अध्यापक पद पर बने रहेगे शिक्षामित्र।
                 वेतन और सुविधाएं शिक्षामित्रों को मिलती रहेंगी,हाईकोर्ट के फैसले का सरकार करा रही अध्ययन, शिक्षामित्र नहीं उठाएं कोई गलत कदम-सीएम।
शिक्षामित्रों को मिलती रहेंगी सभी सुविधाएं
                यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ कह दिया है कि शिक्षा मित्र शिक्षक ही बने रहेंगे। समायोजन के बाद दी गई सुविधाएं पूर्व की तरह उन्हें मिलती रहेंगी। इसलिए शिक्षा मित्र आंदोलन की राह छोड़ कर बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान दें।
                 प्राइमरी स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने पर उन्हें पूरा ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद शिक्षा मित्रों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है।
                 संयुक्त शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि राज्य सरकार उनके साथ है इसलिए आंदोलन समाप्त किया जा रहा है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के खिलाफ सांकेतिक विरोध जारी रहेगा। इसलिए स्कूल से छुट्टी होने के बाद शिक्षा मित्र ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर एकत्र होंगे और एनसीटीई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
                  मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों से कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार से उनकी बातचीत चल रही है। उत्तराखंड और महाराष्ट्र में शिक्षा मित्रों को बिना टीईटी के जब शिक्षक बनाया जा सकता है, तो यूपी में क्यों नहीं। एनसीटीई यूपी के मामले में दोहरी नीति क्यों अपना रहा है।
                 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से इस संबंध में बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड व महाराष्ट्र में बिना टीईटी के शिक्षा मित्र शिक्षक बन सकते हैं तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं। प्रधानमंत्री से अनुरोध किया जाएगा कि एनसीटीई को निर्देश दे कि यूपी के शिक्षा मित्रों के साथ भेदभाव न किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे मजबूती से पक्ष
                मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों से कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार उनके साथ पूरी तरह से है। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा। राज्य सरकार ने शिक्षा मित्रों का समायोजन नियमों के आधार पर किया है।
                  शिक्षा का अधिकार अधिनियम में दी गई व्यवस्था के आधार पर राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह नियमावली में संशोधन कर सकती है। इसके आधार पर ही नियमावली को संशोधित किया गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह पूरी तैयारी के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखे जिससे शिक्षा मित्रों के पक्ष में फैसला आ सके।
                   मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में शिक्षा मित्रों के साथ महाराष्ट्र से आए प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की। शिक्षा मित्रों में जितेंद्र कुमार शाही, गाजी इमाम आला, अनिल कुमार यादव, अमित यादव, धर्मवीर यादव, श्यामलाल यादव, शिवकुमार शुक्ला आदि शामिल थे। महाराष्ट्र से विधान परिषद में शिक्षक सदस्य कपिल पाटिल वहां शिक्षा मित्रों के नेता नवनाथ गेन, रामनयन दुबे, माता चरण मिश्रा, सुभाष मोरे और संजय दुबे शामिल थे।मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र पैटर्न पर बातचीत की।

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