UP में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई SC में चंद मिनटों में पलटी, जानें शिक्षामित्रों पर किसने दी क्या दलील

उत्तर-प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामले में गुरुवार को सुनवाई के दौरान पहले कोर्ट ने  याचिका खारिज करने का मौखिक आदेश सुना दिया और उसके चंद मिनटों बाद ही फिर से सुनवाई करते हुए संशोधित आदेश के साथ राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों की अपील पर सुनवाई कर रहा है।

Make Easy & Extra $ 450 / Mo For Free? Join a few amazing platforms

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता 'उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन' की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति एम एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ के समक्ष दलीलें रखी।
 मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज करने का मौखिक आदेश सुना दिया, लेकिन कुछ न्यायिक पहलुओं पर ध्यान दिलाए जाने के बाद सुनवाई फिर शुरू हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे और ए. सुंदरम वीडिया कांफ्रेंसिंग स्क्रीन पर मौखिक आदेश जारी होने के बाद दिखाए दिए और उन्होंने अपनी दलीलें शुरू की। इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज करने के अपने मौखिक आदेश में संशोधन की मंशा जतायी।

Top 7 Business Ideas for Common Women That can change life!

सुनवाई फिर से कुछ देर चली और सॉलिसिटर जनरल एवं अन्य वकीलों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने राज्य सरकार एवं अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया तथा इसके जवाब के लिए 14 जुलाई तक का समय दिया। न्यायालय ने राज्य सरकार को निदेर्श दिया कि वह छह जुलाई तक रिक्तियों का चार्ट न्यायालय को सौंप दे।
कोर्ट में किसने दी क्या दलील और कोर्ट ने क्या कहा, जानें :
- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के शुरू में याचिकाकर्ताओं को ओर से वकील रोहतगी ने दलील दी कि एकल पीठ ने याचिकाकर्ताओं के दावे के समर्थन में निर्णय दिया था, लेकिन खंडपीठ ने शिक्षामित्रों का पक्ष पूरी तरह नहीं सुना।

Make career in Nursing: Get packages in Lakhs and job Opportunities Abroad

 उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की मांग उनके ठेके के नवीनीकरण को लेकर भी है और नियुक्ति की प्रक्रिया में लगातार किए गए बदलावों को लेकर भी।
- न्यायमूर्ति ललित ने रोहतगी से पूछा, 'कितने शिक्षामित्र नियुक्त हुए थे?'रोहतगी ने जवाब दिया, 3० हज़ार। राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों की बजाय 69000 प्राथमिक शिक्षकों की नयी भर्ती निकाली।
 परीक्षा के बाद नया कटऑफ भी तय किया।, लेकिन उनकी दलीलों से असंतुष्ट खंडपीठ ने याचिका खारिज करने का मौखिक आदेश सुनाया।
- थोड़ी देर में दवे और सुन्दरम के स्क्रीन पर दिखने के बाद स्थिति पलट गयी और खंडपीठ को अपने मौखिक आदेश फिलहाल टालते हुए सुनवाई दोबारा शुरू करनी पड़ी।

Top 5 Simple ways to earn $ 100 from your home

 खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में इतने पक्षकार हैं कि उन सभी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनना मुश्किल होगा।
- न्यायमूर्ति ललित ने कहा, “हम मामले में कोई अंतरिम आदेश या यथास्थिति बनाये रखने का आदेश जारी नहीं करेंगे।
 ऐसा आदेश जारी करने से पहले हमें संतुष्ट होना होगा और अभी हम किसी भी दलील से संतुष्ट नहीं हुए हैं।”
- कुछ शिक्षा मित्रों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने दलीलें देनी शुरू की।
 उन्होंने शिक्षा मित्रों की परिभाषा और कार्य प्रणाली बताई। उन्होंने हाईकोर्ट की एकल पीठ और खंडपीठ के फैसलों की कानूनी बारीकियां कोर्ट को बताई।
- दवे ने याचिकाकर्ता शिक्षामित्र संजीव तिवारी की ओर से दलील दी। उन्होंने अपने मुवक्किल के पिछले डेढ़ दशक से पढ़ाने का दावा किया।
 उन्होंने कहा कि 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के विज्ञापन में कटऑफ का ज़िक्र नही था।

Career in Geography: Courses, Skills, Certainties of jobs and all about

- अब न्यायालय ने मेहता से पूछा, “मेरिट के नाम पर भारांक और अन्य नियम क्यों बदले गए?” उन्होंने कहा कि वह कल इन बारे में सरकार से दिशानिर्देश लेकर अदालत को बताएंगे।
-इसके बाद न्यायालय ने कहा, “हम फिर सभी याचिकाओं पर नोटिस जारी कर रहे हैं।
 हम ये भी देखेंगे कि नियुक्ति प्रक्रिया के नियम परीक्षा से पहले या बाद में बदलना कितना सही या गलत है।”
- इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने दलील दी कि परीक्षा के परिणाम 40 और 45 फीसदी के मेरिट के आधार पर ही फिर से मूल्यांकित किये जाएं।
 ऐसा क्यों कि पहली परीक्षा किसी और आधार पर तथा दूसरी किसी और के आधार पर? इस पर श्री मेहता ने कहा कि ये लोग प्रतिभाशाली उम्मीदवारों पर कम प्रतिभा वालों का कब्जा चाहते हैं।
- इसके बाद न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य को नोटिस जारी किये, तथा उसके जवाब के लिए 14 जुलाई की तारीख मुकर्रर की।

Top 10 Data Entry Online/Offline jobs from Home without Investment

 राज्य सरकार यह बताये कि 45 फीसद सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी के आधार को क्यों बदला गया? राज्य सरकार छह जुलाई तक चार्ट के ज़रिये भर्ती के सारे चरण और डिटेल बताए।
- वकील गौरव यादव की ओर से दायर इस याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने या उसे रद्द करने की मांग की गई है।
 इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से शीर्ष अदालत में एक कैविएट दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया थी कि शीर्ष अदालत उसका पक्ष सुने बिना इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर कोई आदेश जारी न करे।

Career in Food Science: Learn about food science courses, syllabus and jobs

-  इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अपना फैसला सुनाया था। उसके बाद राज्य में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया था। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर होने वाली भर्ती लटकी हुई थी।
 ऐसा कटऑफ मार्क्स से संबंधित विवाद के कारण था। इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार के कटऑफ बढ़ाने के फैसले को सही बताया था। इसके अलावा इस भर्ती प्रक्रिया को तीन महीने के अंदर पूरा करने का आदेश भी दिया था।

Comments

Popular posts from this blog

Jobs in police department for 150 posts

UP पुलिस भर्ती : UPPRPB ने दिया जेल वार्डर, फायरमैन, कांस्टेबल पोस्ट प्रेफरेंस बदलने का मौका, यहां देखें Direct Link

69 हजार अध्यापक भर्ती : नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर हलफनामा दाखिल करेगी सरकार

तकनीशियन अपरेंटिस के 128 पदों पर भर्ती

69000 शिक्षक भर्ती : आवेदन में संशोधन की मांग नामजूर, आवेदन के अब केवल चार दिन शेष

गुम हो गए प्राथमिक शिक्षकों के सात हजार पद : 12091 भर्ती के दावेदारों ने छेड़ी मुहिम

Jobs to fill Postman posts in Government of India Department of Information and Communications

OBC को नहीं मिलेगा आरक्षण ; प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर आरक्षण खत्म करने का फैसला