डायट का मूल्यांकन कराने का फैसला ; मूल्यांकन एकैडमिक और ढांचागत सुविधाओं के आधार पर

         जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) का मूल्यांकन कराने का फैसला किया गया है। मूल्यांकन एकैडमिक और ढांचागत सुविधाओं के आधार पर होगा और इसके लिए चार श्रेणियां तय की गई हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) अगले सत्र से ग्रेडिंग व्यवस्था को लागू करेगी।
           राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब डायट में भी प्रशिक्षण का स्तर परखा जाएगा। सूबे में 70 जिलों में ये संस्थान हैं। इनमें बेसिक टीचर सर्टिफिकेट (बीटीसी) कोर्स कराया जाता है।
           मूल्यांकन योजना के तहत देखा जाएगा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रवक्ताओं की तैयारी क्या है और प्रशिक्षुओं की सहभागिता कितनी है। क्लास रूम में इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) और टीचिंग, लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम) का प्रयोग, शोध एवं नवाचार की स्थिति, वार्षिक पत्रिका प्रकाशन, पुस्तकालय की स्थिति और शैक्षिक भ्रमण आदि 32 बिंदुओं के आधार पर एकैडमिक पक्ष का मूल्यांकन होगा।
            इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर के मूल्यांकन के लिए भी प्रशिक्षण कक्ष, विभागवार कक्ष, पुस्तकालय का रखरखाव, सभागार, कम्प्युटर कक्ष, खेल के मैदान की स्थिति आदि को शामिल किया गया है।


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