असमंजस में शिक्षामित्र ; मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आश्वासन पर बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल पहुंचे

               शिक्षामित्र शनिवार को परिषदीय स्कूलों में नजर आए। वह बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल पहुंचे तो परंतु किस हैसियत से यह किसी को पता नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अधिकारी भी उनकी हालिया हैसियत बताने में असमर्थ रहे। सारे अधिकारी मामले में अलग-अलग बयान दे रहे हैं।
              सभी को शासनादेश का इंतजार है जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उधर छह दिन बाद परिषदीय स्कूलों में कुछ चहल-पहल नजर आयी। हाईकोर्ट के आदेश पर सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद होने के बाद भी शिक्षामित्र स्कूलों में पहुंचे और पहले की तरह उन्होंने पठन-पाठन में हिस्सा लिया।
               हाईकोर्ट ने बीते दिनों अपने आदेश में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित होने वालों की नियुक्ति रद कर दी थी। इसके बाद शिक्षामित्रों ने प्रदेश भर में आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन का स्वरूप वृहद होता देख मुख्यमंत्री ने शांति की अपील करते हुए मामले में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शिक्षा मित्रों का रुख शांत हुआ।
               मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अपील के बाद शिक्षामित्र आंदोलन खत्म कर शनिवार से पठन-पाठन में जुट गए। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी का कहना है कि कोर्ट के आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। हम अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं।

Kewards; teachers,samayojan,shikshamitra,TET

Comments

Popular posts from this blog

10वीं पास के लिए भारतीय रेलवे में सुनहरा मौका

69000 शिक्षक भर्ती : अनन्तिम चयन सूची जारी, तीन से छह जून के बीच होगी काउंसलिंग

रोडवेज में संविदा पर परिचालकों की 3060 पदों पर भर्ती